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साइंस और सॉफ्टवेयर

Liz DeCarlo

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Leledakis संभावित क्लाइंट और क्लाइंट मीटिंग के लिए एक तकनीक और डेटा वाला नजरिया रखते हैं।

Panagiotis Leledakis, LUTCFसे मुलाकात करने वाले क्लाइंट्स को, ऐसा लग सकता है कि वे एक स्पेस स्टेशन में मौजूद मीटिंग रूम में जा रहे हैं, जिसमें खिड़कियां बहुत दूर मौजूद तारों के समूह को दिखाती हैं। उनका अवतार कॉन्फ्रेंस रूम की टेबल पर Leledakis के अवतार के साथ बैठा है, इंश्योरेंस से लेकर एस्टेट प्लानिंग तक प्रत्येक चीज पर वास्तविक समय में बातचीत की जा रही है – भले ही मीटिंग डिजिटल रूप से हो रही है और ऐसा हो सकता है कि क्लाइंट्स समान देश में भी न हो।

प्रोफेशन में 21-वर्ष बिताने वाले, Leledakis का मानना है कि फाइनेंशियल सर्विसेज का भविष्य तकनीक का इस्तेमाल बढ़ने से जुड़ा है। उन्होंने कहा, “मिलेनियल्स में से 85% सोचते हैं कि हमारा प्रोफेशन पुराना है जिसमें कोई तकनीक या इनोवेशन नहीं है।” “इसमें कुछ सच्चाई है, तो हमारी इंडस्ट्री में हमें डिजिटल बदलाव की रफ्तार बढ़ानी होगी।”

यह करने के लिए, उन्होंने अपने बिजनेस में वर्चुअल रियलिटी सहित आधुनिक तकनीक को शामिल करने की कोशिश में पिछले आठ वर्ष रिसर्च में लगाए हैं। मारोउसी, ग्रीस से दो-वर्ष MDRT मेंबर ने डिजिटल रणनीति को न्यूरोसाइंस में मौजूद एक अन्य रणनीति और क्लाइंट्स के जोखिम के अनुमानों को समझने की जटिलताओं के साथ जोड़ा है।

इस मिश्रण से क्लाइंट्स की संख्या बढ़ी है, और Leledakis और न्यूरोसाइंटिस्ट्स सहित साइंटिस्ट्स की एक टीम की ओर से मिलकर बनाए गए एक पाठ्यक्रम के आधार पर अन्य एडवाइजर्स के लिए एक ट्रेनिंग एकेडमी बनी है और फाइनेंशियल सर्विसेज के छात्रों के लिए एक कॉलेज कोर्स शुरू हुआ है।

और, Leledakis ने अपना अधिकतर समय डिजिटल तरीके से संचालन करने के सर्वश्रेष्ठ तरीके के ट्रायल और कमियों को खोजने में लगाया है, उनका कहना है कि अन्यों के लिए शुरुआत करना आसान बनाने के लिए कुछ सीक्रेट हैं।

सही उपकरण का इस्तेमाल करें

Leledakis ने कहा कि टेलीकॉन्फ्रेंसिंग या सोशल मीडिया के लिए डिजिटल के साथ शुरुआत करने में अधिक लागत नहीं आएगी, आपके समय के निवेश को छोड़कर। लेकिन उच्च-गुणवत्ता वाले उपकरण का इस्तेमाल करने से आपका प्रोफेशनल लुक अच्छा हो सकता है।

Leledakis ने बताया, “मैंने लगभग आठ वर्ष पहले अपने बिजनेस के 70% और मेरी मीटिंग्स को डिजिटल करने का निर्णय लिया था।” उनका पहला कदम अपने क्लाइंट्स को इसके बारे में जानकारी देना था, विशेषतौर पर सबसे अधिक संदेह करने वालों को, उन्होंने डिजिटल टूल्स को इस्तेमाल करने के तरीके के बारे में बताया और उन्हें आश्वस्त किया कि यह उनकी टीम के साथ जुड़ने की एक आसान प्रक्रिया है।

इसके बाद उन्होंने सही उपकरण खरीदे। “हमारे पास एक ग्रीन स्क्रीन स्टूडियो, माइक्रोफोन हैं, हमारे पास वे सभी उपकरण हैं जिनकी जरूरत दुनिया में कहीं भी एक बहुत अच्छी टेलीकॉन्फ्रेंस का सेटअप बनाने में होती है।” वह मुख्यतौर पर जूम का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इसके साथ ही जरूरत होने पर वेबेक्स, माइक्रोसॉफ्ट टीम्स, गूगल हैंगआउट, वाइबर और वॉट्सऐप का भी इस्तेमाल किया जाता है।

एक टेलीकॉन्फ्रेंस की तैयारी में Leledakis पहली चीज टेलीकॉन्फ्रेंस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर प्रोफेशनल दिखने वाला डिजिटल बैकग्राउंड बनाना करते हैं। उन्होंने बताया, “इसके बाद आपको केवल एक ग्रीन स्क्रीन और कुछ लाइटिंग की जरूरत होती है।” बेहतर साउंड क्वालिटी के लिए वह लेवेलियर माइक्रोफोन और एक माइक्रोफोन क्लिक का भी इस्तेमाल करते हैं।

सही स्टाफ को रखें

जब उन्होंने डिजिटल होने का निर्णय लिया था, Leledakis को पता था कि उन्हें एक विशेष प्रकार के एंप्लॉयी में निवेश करना होगा। “आपको सही लोगों को चुनना होगा जिन्हें कार्य के लिए हर समय आपके निकट होने की जरूरत नहीं है। और आपके पास एक कोलेबोरेशन सिस्टम होना जरूरी है।“, Leledakis ने बताया, वह अपनी टीम के साथ प्रोजेक्ट मैनेजमेंट के लिए असाना और टोडोलिस्ट का इस्तेमाल करते हैं।

सही क्लाइंट्स को लक्ष्य बनाएं

अगला कदम यह सुनिश्चित करना था कि उनके क्लाइंट्स तकनीक को अपनाएं, Leledakis ने वर्चुअल और ऑग्मेंटेड रियलिटी में कदम रखा था, जिससे बहुत से मिलेनियल्स वीडियो गेम्स के जरिए परिचित हैं।

“मैं मिलेनियल्स को लक्ष्य बनाता हूं क्योंकि उनके पास उपकरण हैं, और रिसर्च से पता चलता है कि अगले दो या तीन वर्षों में, वर्चुअल रियलिटी एक नया नियम बनने जा रही है।”, उन्होंने कहा। “हम मुख्यतौर पर धनी मिलेनियल्स से संपर्क करने के लिए इस तकनीक के साथ कार्य कर रहे हैं। VR कम्युनिटीज भी हैं जहां आप लोगों से अवतार के तौर पर मिल सकते हैं, और यह वास्तव में क्लाइंट्स को खोजने का एक नया तरीका है।“

Leledakis ऑग्मेंटेड रियलिटी में होलोग्राम के इस्तेमाल पर भी कार्य कर रहे हैं, जहां वह और उनके क्लाइंट एक साथ समान कमरे में हो सकते हैं और वास्तविक समय में एक दूसरे को देख सकते हैं। वह पहले ही ग्रीस में अपने स्टूडियो में होने के दौरान यूनाइटेड स्टेट्स में संबोधन देने के लिए इस तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं।

जब महामारी का कहर शुरू हुआ

Leledakis ने पाया महामारी और उसके बाद लॉकडाउन की होने पर उनके पास पहले से मौजूद इस तकनीक ने बड़ा अंतर बनाया। “हमारे पास उनके साथ बहुत तेजी से कम्युनिकेट करने के लिए सभी टूल्स थे, न्यूजलेटर्स, इंस्टेंट मैसेजिंग और वेबिनार के साथ।” वह ऐसा सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करते हैं जो वर्चुअल इवेंट्स में 5,000 तक लोगों के शामिल होने की सुविधा देता है और लाइव स्ट्रीमिंग टूल्स के जरिए असीमित लोग हिस्सा ले सकते हैं।

एक वेबिनार के लिए, उन्होंने लॉकडाउन के दौरान अभिभावक कैसे अपने बच्चों की सहायता कर सकते हैं इस बारे में बात करने के लिए एक चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट को निमंत्रित किया था। उन्होंने क्लाइंट्स को निमंत्रण भेजा, और उन्हें इसे दोस्तों के साथ साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया।

“हमने एक-मिनट के वीडियो के तौर पर बनाए गए निमंत्रण को अभिभावकों के लिए सोशल मीडिया ग्रुप, फोरम और ब्लॉग्स पर भी पोस्ट किया था।”, उन्होंने बताया। “निमंत्रण में कहा गया था बुधवार को 2 p.m. पर, आप अपने घर के आरामदायक माहौल से इस लिंक को क्लिक कर इस बहुत महत्वपूर्ण संबोधन को देख सकते हैं।”

परिणाम? 500 से अधिक क्लाइंट्स और 1,200 से अधिक संभावित क्लाइंट्स ने साइन अप किया था।

साइकोलॉजिस्ट की ओर से संबोधन के बाद, Leledakis ने लगभग 10 मिनट तक रिस्क मैनेजमेंट के बारे में बात की और बताया कि उनकी फर्म कैसे अपने विशेष सॉफ्टवेयर के जरिए जोखिम की पहचान, प्राथमिकता और मात्रा तय कर सकती है। अगर व्यक्ति अधिक जानने में दिलचस्पी रखता था, तो वह वेबिनार के अंत में अपने नाम, ईमेल और फोन नंबर के साथ एक फॉर्म भर सकता था।

पांच सौ लोगों की इसमें दिलचस्पी थी, जिसका परिणाम दो महीने की अवधि में 150 अप्वाइंटमेंट्स और 70 नए क्लाइंट्स का मिला।

डिजिटल तरीके से नए क्लाइंट खोजना

Leledakis डिजिटल तरीके से लिंक्डइन जैसे सोशल मीडिया के इस्तेमाल से नए क्लाइंट्स खोजते हैं। वह अपने किसी परिचित के सोशल मीडिया एकाउंट पर जाते हैं और देखते हैं कि वे कमेंट्स या पोस्ट्स पर लाइक जैसे तरीकों के जरिए किससे सबसे अधिक संपर्क करते हैं। वह तीन ऐसे तीन लोगों को चुनते हैं जो उस व्यक्ति से संपर्क कर रहे हैं जिसे वह जानते हैं।

“मैं प्रति दिन ऐसे 10 लोगों के लिए करता हूं जो मेरे परिचित हैं, और 10 में सात मुझे उन तीन या चार लोगों से संपर्क करने की अनुमति देते हैं जिनकी मैंने पहचान की है। मैं पूछता हूं कि क्या मेरे, क्लाइंट और जिस व्यक्ति से मैं मिलना चाहता हूं उसके साथ चैट के लिए तीन व्यक्तियों का ग्रुप बना सकते हैं। तो यह प्रत्येक दिन लगभग 30 नए रेफरल हैं”, उन्होंने बताया। Leledakis इसके बाद संभावित क्लाइंट के साथ 10-मिनट की डिजिटल अप्वाइंटमेंट के लिए पूछते हैं, और चैट में क्लाइंट अपने दोस्त को यह आश्वासन देता है कि उसे Leledakis के जोखिम के आकलन के तरीके को देखना चाहिए।

“अगर मैं इसे एक सप्ताह में पांच बार करता हूं, यह 150 होगा। यह प्रत्येक महीने 600 नए रेफल हैं। यह अब चीजों को करने का एक अच्छा तरीका है, और यह एक बहुत आसान कॉन्सेप्ट है।“

वाइबर, और चैटबॉट्स जैसी ऐप्स के जरिए कस्टमाइज मैसेजिंग के इस्तेमाल से Leledakis एक दिन में 24 घंटे संभावित क्लाइंट्स और क्लाइंट्स से कनेक्टेड रहते हैं, ये ऐप्स उनके नींद में होने पर भी प्रश्नों के उत्तर दे सकती हैं।

हालांकि, वह मानते हैं व्यक्तिगत तौर पर बातचीत के अपने फायदे हैं, लेकिन बिजनेस के नजरिए से डिजिटल उनके लिए बेहतर है।

“मैं डिजिटल पर एक दिन में पांच, सात या 10 लोगों से मिल सकता हूं, या व्यक्तिगत तौर पर दो अप्वाइंटमेंट्स”, उन्होंने बताया। “महत्वपूर्ण क्लाइंट्स के लिए, मैं कभी-कभी व्यक्तिगत तौर पर मिलने के अवसर खोजता हूं, लेकिन विशेषतौर पर संभावित क्लाइंट्स के लिए, मैं उनका पहले मूल्यांकन करना चाहूंगा। मैं यह जानने के लिए एक अप्वाइंटमेंट नहीं चाहता कि वे दिलचस्पी रखते हैं या नहीं।“

Leledakis ने कहा, लेकिन एडवाइज देने और तकनीक के मिश्रण से क्लाइंट्स के लिए सर्वश्रेष्ठ परिणाम मिलते हैं। “एडवाइजर का स्थान कोई नहीं ले सकता क्योंकि हमें क्लाइंट को एडवाइज देने से पहले उन्हें जानकारी उपलब्ध करानी होती है। अगर लोग जोखिम को समझते हैं और एक समाधान खोजना चाहते हैं, तो हमारी जरूरत नहीं होगी। उन्हें जानकारी की जरूरत है। जो हम पूरी करते हैं।“

न्यूरोसाइंस को समझने के जरिए आपत्तियों से निपटना

Leledakis ने जब फाइनेंशियल सर्विसेज में शुरुआत की थी तो वह इससे निराश थे कि लोग यह नहीं समझते कि कैसे कुछ जोखिम उनके जीवन को बड़ा नुकसान पहुंचा सकते हैं और इंश्योरेंस से जोखिम को न्यूनतम करने में सहायता मिल सकती है। उनका एक दोस्त था जो 2009 में एक नया न्यूरोसाइंटिस्ट था। उन्होंने एक साथ मिलकर यह रिसर्च करने का निर्णय लिया कि लोगों को क्यों इस कॉन्सेप्ट के साथ काफी मुश्किल होती है।

उन्होंने पाया कि लोगों का एक “आशावादी झुकाव” होता है जो उन्हें इससे दूर रखता है कि उन्हें कुछ होने जा रहा है, क्योंकि दिमाग स्वयं की डर और दर्द से सुरक्षा करने की कोशिश करता है।

“हमारी इंडस्ट्री में, हम अब जानते हैं कि जब हम लोगों से बातचीत करने में डर का इस्तेमाल करते हैं तो वह एक गलत तरीका है।” “एक रुक जाने का प्रभाव होता है क्योंकि प्रत्येक दिमाग में डर को सहने का एक स्तर होता है, और जब आप उस स्तर को पार करते हैं, तो दिमाग रुक जाता है।“

Leledakis इसकी तुलना एक कार के सामने भाग रहे जानवर से करते हैं जो फ्रंट लाइट्स के उसकी आंखों में पड़ने पर रुक जाता है। जब आप डर के साथ क्लाइंट्स से संपर्क करेंगे, वे आपकी बात नहीं सुनेंगे या उनके पास एक निर्णय लेने की ताकत नहीं होगी, तो वे आखिर में टाल देंगे। रिसर्च से यह भी पता चला है कि व्यक्ति के दिमाग के लिए राय को बदलना मुश्किल हैः

तो एक डर के साथ संपर्क करने के बजाय, Leledakis ने अपनी टीम के साथ मिलकर रिस्क मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर डिवेलप किया है जो एक व्यक्ति के लिए प्रत्येक जोखिम को मापता है और इसके बाद वह जोखिमों की प्राथमिकता और मात्रा तय कर सकते हैं। “इस रिस्क मैनेजमेंट कंसल्टिंग के साथ, हम दिमाग की जटिलताओं से निपट सकते हैं औऱ लोगों की इस मामले में समझदारी वाले निर्णय लेने में मदद कर सकते हैं।”, उन्होंने कहा। “और हम अभी फर्म को सभी अन्यों से पूरा तरह अलग रखते हैं।”

संपर्क जानकारी: Panagiotis Leledakis pan@ifaacademy.eu

 

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