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अनिश्चितता के दौर में अगुवाई करना

Kate Zabriskie

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व्यवसाय में बदलाव के दौर से गुजरते हुए पूरे आत्मविश्वास के साथ दूसरों को प्रेरित करें।

व्यवसाय के बारे में अगर कोई ऐसी बात है, जो कभी नहीं बदलती है, तो वो है कि व्यवसाय में हमेशा बदलाव आते रहेंगे! फिर यह बदलाव नई तकनीक का आना हो, मुख्य कर्मचारी का चले जाना हो, आपके उद्योग में व्यवसाय करने के तरीके को नियंत्रित करने वाले नए कानून आना हो या वैश्विक महामारी और मंदी के परिणाम हों, सभी स्थितियों से पार पाएँ। इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि बदलाव क्या हो सकता है, आखिरी चीज़ जो आपकी टीम आपसे सुनना चाहती है वह है: “चलो ठीक है, अब हम क्या करें?”

कुशल लीडर वही है, जो बदलाव के दौर में अपनी टीम की अगुवाई करे और वह यह काम पूरे आत्मविश्वास के साथ करे, ताकि अन्य लोग भी विश्वास से भरे रहें।

कोई व्यवसाय ऐसी कोई राह चुन सकता है या ऐसा कोई बदलाव कर सकता है, जिसे लेकर कर्मचारी संशय में पड़ने के साथ भयभीत महसूस कर सकते हैं, क्योंकि उन्हें उस बदलाव को मजबूरन झेलना पड़ रहा है। कर्मचारी किसी बदलाव को किस तरह से लेंगे और उसे लेकर कैसा महसूस करेंगे, इनके संकेत उनका लीडर होने के नाते सीधे तौर पर आपसे मिलेंगे। इसलिए ज़रूरी है कि आपके पास एक ठोस कार्य योजना हो।

अनिश्चितता के दौर से गुजरते समय अपनी टीम की अगुवाई करने आपकी मदद करने वाले नौ सुझाव निम्नलिखित हैं:

1. यह बात समझ लें कि किसी भी अंतिम लक्ष्य तक पहुँचने का रास्ता हमेशा सीधा और सरल नहीं होता। कार्यस्थल पर टीम के रूप में किसी बदलाव को संभालना उतना आसान नहीं होता, जितना उस बदलाव की घोषणा करना, उसे अपनाना और अपने लक्ष्य की ओर बढ़ना होता है। इस पूरी प्रक्रिया के बारे में कर्मचारी और यहाँ तक कि लीडरों की भावनाओं में भी बदलाव आ सकता है और ऐसा होना सामान्य है। इन परेशानियों के सामने आते ही इनकी पहचान करके उन पर ध्यान देना ही ऐसी स्थितियों से निपटने का सबसे अच्छा तरीका है और ऐसी स्थिति में यह संभव है कि कई बार उथल-पुथल सी महसूस हो या यहाँ तक कि कभी-कभी बेहद भयावह स्थिति भी बन सकती है।

2. इस प्रक्रिया के दौरान मुख्य लीडरों और भागीदारों की तुरंत पहचान कर लें। बदलाव की प्रक्रिया जैसे ही शुरू हो, ज़रूरी है कि आप अपनी टीम में ऐसे लोगों की पहचान कर लें, जिनमें वाकई में लीडरशिप का गुण है। उन्हें इस प्रक्रिया का भागीदार समझा जा सकता है और वे इस बदलाव के दौरान टीम की अगुवाई करने और बड़ी सफलता पाने में आपकी मदद कर सकते हैं। आत्मविश्वास को बढ़ाने और टीम को निर्धारित लक्ष्यों की ओर बढ़ने में मदद करने में ये व्यक्ति महत्वपूर्ण साबित होंगे।

3. कोई अच्छा और कारगर प्लान बनाएँ। यहाँ तक कि छोटे-छोटे बदलावों में भी एक प्लान की ज़रूरत होती है। इस प्लान में प्रक्रिया, उत्पादों और इसमें शामिल लोगों की अपेक्षाओं में आए बदलाव का ध्यान रखा जाना चाहिए। यदि बदलाव बड़े स्तर पर है, तो आपको पूरी तरह से नया व्यावसायिक प्लान बनाना पड़ सकता है। कोई नया प्लान बनाने और उसे अपनी टीम को बताकर उनमें स्थायित्व की भावना लाने में काफी लंबा समय लगेगा, क्योंकि वे इस नए कारोबारी माहौल में आपके साथ चल रहे हैं।

4. लक्ष्य स्पष्ट रूप से तय कर लें। निश्चित लक्ष्यों के बारे में स्पष्ट रूप से बताने में विफल होना, बदलाव करते समय की जाने वाली सबसे बड़ी गलतियों में से एक हो सकता है। यदि कर्मचारियों को स्पष्ट रूप से पता न हो कि उन्हें किस लक्ष्य को पाने के लिए आगे बढ़ना है, तो शायद वे दिशाहीन होकर काम करते रहें, जिसका कोई अर्थ न निकले। स्पष्ट रूप से उद्देश्यों को परिभाषित करने के साथ यह भी बताएँ कि आप उन्हें पाने में अपनी टीम की मदद कैसे करेंगे। इसमें आपके प्रमुख भागीदार महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे, क्योंकि वे अपने निर्णयों और कार्यों से ऐसे उदाहरण पेश करेंगे, जो इन लक्ष्यों को पाने में आपकी मदद करेंगे।

5. बदलाव के बारे में ज़रूरत के अनुसार लोगों को बताएँ और फिर से उन्हें स्पष्ट करते रहें। अनिश्चितता के दौर में अफ़वाहें फैलती ही हैं। जब आपकी टीम को होने वाले बदलाव से जुड़े कुछ पहलुओं के बारे में पता नहीं होगा, तो वे अटकलें लगाना शुरू कर देंगे। इससे उनमें भ्रम और चिंता की स्थिति पैदा हो सकती है, शायद वे कहीं ओर रोजगार तलाशने लगें। ऐसी स्थिति से निपटने का सबसे अच्छा तरीका है कि अपनी टीम के सामने सारी बातें स्पष्ट तौर पर और पूरी ईमानदारी के साथ रखें और जैसे ही आपके पास कोई जानकारी आती है, तो उसे अपनी टीम को बताएँ। हो रहे बदलावों के बारे में पता होने से टीम का आत्मविश्वास बढ़ेगा और डर कम होगा, फिर भले ही दी जाने वाली जानकारी इतनी अच्छी न हो कि जिससे बात शुरू की जाए।

6. पुरानी कोशिशों को दरकिनार न करें। अक्सर, नए बदलाव का मतलब होता है कि कोई काम करने के पुराने तरीकों को छोड़ना और ऐसे प्रोजेक्ट, जो कभी महत्वपूर्ण थे, उन पर इस तरह से रोक लगाना कि वह अपमानजनक लगे। इससे उस प्रोजेक्ट पर काम कर चुके टीम के सदस्यों को अपमानित महसूस हो सकता है, साथ ही उन्हें यह भी लग सकता है कि उनका योगदान व्यर्थ रहा। कुशल टीम लीडर इस तरह के प्रोजेक्ट को प्रमुखता देगा और पिछली उपलब्धियों का श्रेय लोगों को इस तरह से देगा, जैसे कि काम अच्छी तरह से पूरा हुआ, साथ ही उसी समय टीम को नई दिशा की ओर बढ़ाएगा।

7. चुनौतियों को न छिपाने। कई बार ऐसा भी होता है कि कुशल तरीके से बनाए गए प्लान में भी बड़ी बाधा आ जाए या फिर उसमें कोई डरावना पड़ाव आ जाए। जब भी ऐसी चुनौतियाँ आएँ, तो उन्हें छिपाने के बजाय अपनी टीम को उनके बारे में बताएँ। शायद उनके पास कोई अच्छा सुझाव या जानकारी हो और जब आप उन्हें किसी बाधा को दूर करने के लिए होने वाली चर्चा में शामिल करेंगे, तो उन्हें मदद करते में ज़्यादा जुड़ाव महसूस हो सकेगा।

8. हर समस्या को ध्यानपूर्वक सुनें। एक मामला, जिसमें कई लीडर फेल हो जाते हैं, वो है अपनी टीम की बात को ध्यान से सुनना। शायद वे “फिलहाल तो ऐसा ही है, तो इससे निपटें” वाला दृष्टिकोण अपना सकते हैं और ऐसे में पहले से मुश्किल दौर से गुजर रहे टीम के सदस्यों को मनोबल टूट सकता है और उन्हें हारा हुआ महसूस हो सकता है। ऐसा करने के बजाय अपनी टीम से मिलें और उनकी बात सुनें। कभी-कभी, मौजूदा स्थिति से निपटने में किसी की मदद करने के लिए बदलते माहौल के बारे में उनकी बात सुन लेने से ही काम बन जाता है। वहीं आगे चलकर आपको अपना काम अच्छी तरह करने में मदद के लिए उनके परिज्ञान अनमोल साबित हो सकते हैं।

9. प्रदर्शन के नए या समायोजित उद्देश्यों के बार में स्पष्ट रूप से बताएँ। ऐसी सभी चीज़ें, जो किसी कार्यस्थल का माहौल प्रभावित करेंगी, उनमें से एक है टीम के सदस्यों के बीच अनिश्चितता की भावना का होना, जो कि सफलता में सबसे बड़ी बाधा बन सकती है। इससे निपटने का एक तरीका है कि प्रदर्शन के उद्देश्यों और समीक्षाओं में किसी भी तरह का बदलाव आने पर उसे स्पष्ट रूप से सबके सामने रखा जाए। कर्मचारी यह जानना चाहेंगे कि उनकी समीक्षा कैसे और कब होगी और कौन से मानदंड कारक के रूप में काम करेंगे। इससे वे अपने उद्देश्यों पर फ़ोकस रह पाएँगे और उनमें बदलते माहौल के साथ आगे बढ़ने के दौरान आत्मविश्वास की भावना जागेगी।

बदलाव कभी डरावना हो सकता है, आश्चर्य से भरा हो सकता है और कई बार बेहद चुनौतीपूर्ण भी हो सकता है। लेकिन अगर आपके पास एक सही प्लान है, आप अपनी टीम के साथ प्रभावी ढंग से बातीचत करते हैं, साथ ही नए उद्देश्यों की ओर पूरे आत्मविश्वास के साथ बढ़ते हैं और आपकी टीम उन उदश्यों को पाने के लिए प्रतिबद्ध है, तो आप व्यवसाय को आगे बढ़ा सकते हैं और यहाँ तक कि व्यवसाय के बदलते माहौल में भी कामयाब हो सकते हैं।

Kate Zabriskie, बिज़नेस ट्रेनिंग वर्क्स इंक की अध्यक्ष हैं। Kate और उनकी टीम व्यवसायों की क्लाइंट सेवा कार्यनीतियों को लागू करने में मदद करती है और उनकी टीम के लोगों को इस तरह प्रशिक्षित करती है कि वे अपना वादा निभा सकें। अधिक जानकारी के लिए, businesstrainingworks.com पर जाएं।

 

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