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दयालुता के माध्यम से बेहतर कार्यस्थल निर्मित करना

Antoinette Tuscano

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खोई हुई उत्पादकता और प्रभावहीन नेतृत्व की लागत कैसे कम करें।

हममें से अधिकांश लोग असंतुष्ट, तनावग्रस्त व्यक्तियों के साथ काम करते हैं। परेशानी ये है कि उनमें से कुछ आपके कर्मचारी हैं। आश्चर्यजनक रूप से अमेरिका के 70% कर्मचारी असंतुष्ट महसूस करते हैं, और जिसके चलते उत्पादकता हानि होती है, जो प्रति वर्ष अनुमानित रूप से $605 बिलियन तक पहुँच जाती है।

गैलप की स्टेट ऑफ़ द अमेरिकन वर्कप्लेस रिपोर्ट के अनुसार, असंतुष्ट कर्मचारियों के अपने सहकर्मियों को नकारात्मक रूप से प्रभावित करने, काम से अनुपस्थित रहने और ग्राहकों को दूर ले जाने की अधिक संभावना रहती है। इसके अलावा, रिपोर्ट के अनुसार अधिकांश कर्मचारी अपने कार्यस्थल में मजबूत नेतृत्व का अनुभव नहीं करते हैं।

जुड़ाव और नेतृत्व के बीच एक संबंध है, जिसका निर्माण अक्सर कार्यस्थलों में नहीं होता है। सबसे पहले, नेतृत्व टाइटल्स के बारे में नहीं है। नेतृत्व विशेषज्ञ जॉन मैक्सवेल के अनुसार, संबंधपरक कौशल नेतृत्व में सबसे महत्वपूर्ण क्षमताएं हैं।

नेकदिली का प्रभाव

कार्यस्थल में नेतृत्व के संबंध में कर्मचारियों की कम संतुष्टि को ध्यान में रखते हुए, संबंधपरक कौशल कुछ प्रबंधकों और व्यवसाय मालिकों के लिए परेशानी का विषय हो सकते हैं। हालांकि इस आम चुनौती के समाधान हैं।

बदलाव का एक आश्चर्यजनक, लागत प्रभावी और खुशहाल साधन दयालुता है। दयालुता के गौर करने लायक कार्यों के प्रभाव का अध्यन करने वाले संगठन kindness.org के सीईओ जैकलिन लिंडसे ने कहा “दयालुता का सीधा अर्थ है “दूसरों से जुड़ना और उनका ख्याल रखना।”

दयालुता कोई ऐसी जादू भरी धूल नहीं है जिसे चेक-आउट कर्मचारियों और खराब बॉस पर छिड़कर उन्हें तुरंत बदला जा सकता है, बल्कि यह कार्यस्थल के नकारात्मक वातावरण को बदलने की दिशा में एक शुरुआत है। kindness.org के शोध के अनुसार, ऐसे सूक्ष्म व्यवहारों का मापने योग्य सकरात्मक प्रभाव होता है, जो कर्मचारियों को यह अहसास दिलाते हैं कि उन्हें सुना जाता है और उनका ख्याल रखा जाता है। इसके अलावा, लिंडसे ने कहा “दयालु लीडर अधिक सम्मानित होते हैं।”

लिंडसे ने कहा कि 39 देशों में 691 लोगों पर किये गए एक अध्ययन में यह पाया गया कि किसी व्यक्ति ने जितनी दयालुता दिखाई उसे उतना ही ज्यादा ख़ुशी और संतुष्टि का अनुभव हुआ। दयालुता के लाभ व्यापक हैं। इससे दयालु कार्य करने वाले, प्राप्त करने वाले और उसे देखने वालों को लाभ पहुँचता है।

दयालुता सुनने में अच्छी लगती है, तो फिर उसकी आपूर्ति कम क्यों है? लिंडसे ने कहा कि मूल रूप से, जागरूकता की कमी है। अधिकांश लोग हर सुबह बुरे इरादे के साथ बाहर नहीं निकलते। वे सिर्फ व्यस्त हैं, नींद से वंचित हैं या चिंताकुल हैं।

लिंडसे कहते हैं, दयालुता सिखाते समय जागरूकता के साथ शुरुआत करनी चाहिए। उसके बिना, आप वह कार्य नहीं कर सकते, जो आपको बदलाव लाने के लिए करना ज़रूरी है। अक्सर, बदलाव छोटे होते हैं।

लिंडसे ने एक कार्यस्थल का उदाहरण दिया जहां बॉस अपनी टीम को गुड मॉर्निंग नहीं कह रहा था। इसने उन्हें आशाहीन कर दिया। जब बॉस हर सुबह उनका अभिवादन करने लगा, तो कार्यस्थल की संतुष्टि बढ़ने लगी।

आसान बदलाव, जो मायने रखते हैं

“गुड मॉर्निंग (सुप्रभात) और गुड नाइट (शुभरात्रि) कहें। लोगों से पूछें कि उनका सप्ताहांत कैसा रखा। और सुनें। लोगों से कहें कि आप उनके आभारी हैं। लिंडसे ने कहा, “उन्हें सुनना और थोड़ी तारीफ करना काफी फायदेमंद है”।

लिंडसे ने कहा, दूसरी समस्या यह है कि हम देखभाल करते हैं, लेकिन यह नहीं जानते कि “अच्छे से देखभाल” कैसे करनी है, चाहे यह हमारे प्रियजनों की बात हो या टीम के सदस्यों की।

अच्छे से देखभाल करने का पैसों से संबंध नहीं है। उदाहरण के लिए, अपने परिवार को महंगे अवकाश पर ले जाना उनकी अच्छी तरह से देखभाल करना नहीं है। लिंडसे ने कहा “यह लोगों के साथ होते समय वहां उपस्थित रहना और अपने फ़ोन को दूर रखने के बारे में ज्यादा है।

दयालुता प्रसन्न और आश्चर्यचकित करने वाले अप्रत्याशित कार्यों में बसती है। यह हस्तलिखित नोट्स हो सकते हैं, किसी के लिए एक कप कॉफी लाना हो सकता है, या किसी ऐसे ग्राहक या सहकर्मी के प्रियजन को सम्मानित करने के लिए कुछ करना हो सकता है जिसकी हाल ही में मृत्यु हुई हो।

टीमों का दयालुता के साथ मार्गदर्शन करना

यहाँ तक कि आपके सबसे अच्छे कर्मचारी भी आपका दिमाग नहीं पढ़ सकते, और कई बार ऐसा भी होगा कि आप समस्याओं को दूर करने के लिए किसी के लिए एक कप कॉफ़ी तक न ला सकें। आपको उनके साथ ईमानदार बातचीत करनी होगी। हालाँकि, आपके पास हमेशा यह विकल्प होता है कि आप अपनी बात कैसे कहें। लिंडसे ने कहा, कर्मचारी प्रदर्शन को अधिकतम करने के लिए, आलोचना और कठोरता के बजाय सहानुभूति के साथ रचनात्मक फीडबैक प्रदान करें।

एक लीडर के रूप में, कर्मचारियों के लिए स्पष्ट रूप से परिभाषित भूमिकाएं निर्धारित करें और फिर लोगों को उनकी अधिकतम क्षमता प्राप्त करने के लिए प्रशिक्षित करें। लिंडसे ने कहा, "कंपनियों के साथ हमारे काम के दौरान हमने पाया है कि प्रबंधन अक्सर भूमिकाओं के बारे में स्पष्ट हुए बिना महत्वपूर्ण-झुकाव वाला होता है और इस वजह से कर्मचारियों की प्रतिभा पहचानी नहीं जाती या उसका सही से इस्तेमाल नहीं हो पाता।" "अपनी टीम की संपत्ति, उपलब्धियों और कौशल को पहचानने को कार्यस्थल दयालुता के रूप में गिना जाता है।"

लिंडसे ने कहा "सफलता पैसे से कहीं अधिक है।" “जिस जीवन में दयालुता होती है, वह आपको ज्यादा सफल महसूस कराएगा।"

संपर्क: जैकलिन लिंडसे kindness.org

 

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