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अपने व्यवसाय को तेजी से आगे बढ़ने दें

Liz DeCarlo

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अपनी सफलता को बढ़ाने के लिए विस्तृत प्रक्रियाओं का निर्माण कैसे करें।
मास्टर फाइल

डेविड ब्रेथवेट, Dip PFS ने लगभग एक दर्जन अन्य MDRT सदस्यों का इंटरव्यू लिया, और उन्हें सबसे सफल व्यक्तियों के बीच एक ट्रेंड नज़र आया। “प्रक्रियाएं और विवरण जितना अधिक होगा, प्रैक्टिस उतनी ही सफल होगी।”

केंट, इंग्लैंड के 11 वर्षों से MDRT सदस्य ब्रेथवेट उस MDRT समिति का हिस्सा थे, जिसने संयुक्त रूप से 90 से ज्यादा अन्य सलाहकारों के इंटरव्यू लिए थे। अब वह और समिति के बाकी सदस्य इस बारे में चर्चा कर रहे हैं कि बातचीत से आखिर क्या निकला। उन सभी के लिए एक बात स्पष्ट थी: जिन लोगों ने सफलता के उच्चतम स्तर को प्राप्त किया, वह इसलिए ऐसा कर सके क्योंकि उनके पास स्थापित और दोहराने योग्य प्रक्रियाएं मौजूद थीं।

जो सफल नहीं हुए – उदाहरण के लिए जो क्लाइंट मीटिंग में पीले लीगल पैड को पंखे की तरह इस्तेमाल करते रहे – उन्हें और लोगों से मिलना पड़ा और उनकी कमाई न होने की संभावना अधिक थी।

इस बात से सहमत होना आसान है कि प्रक्रिया MDRT के लिए अर्हता प्राप्त करने और टॉप ऑफ़ द टेबल उत्पादन हासिल करने के बीच अंतर पैदा कर सकती है। लेकिन अगर आप गतिविधि के हैम्स्टर व्हील पर हैं, तो सफल प्रक्रियाओं को बनाने के लिए पर्याप्त रूप से पीछे जाना मुश्किल हो सकता है। हालांकि शुरू करने के लिए कुछ सरल तरीके हैं।

पहला चरण

मार्क रॉबर्ट रैंडो, सात-वर्षों से टॉप ऑफ़ द टेबल निर्माता, के पास बहुत ही संरचित प्रक्रियाएं हैं, लेकिन उसने उस तरह से शुरुआत नहीं की।

रैंडो ने दो कारणों के लिए प्रक्रियाओं को अमल में लाया: उनका कारोबार तेजी से बढ़ रहा था, और ऑस्ट्रेलिया में बढ़े हुए नियमों के साथ संतुलन बनाना मुश्किल हो रहा था। परिणाम छह-स्तंभ वाला मॉडल था जो क्लाइंट को स्वागत मीटिंग से मौजूदा समर्थन तक ले जाता है।

क्योंकि वह क्लाइंट सेवाओं के विभिन्न पहलुओं को संभालने के लिए अपनी टीम पर निर्भर करते हैं, इसलिए उन्होंने इन प्रक्रियाओं को विकसित करते समय उनका इनपुट और बाय-इन मांगा। बनबैरी, पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रेलिया के सात-वर्षों से MDRT सदस्य रैंडो ने कहा, “वे हैं, जो इस अंतरिक्ष में काम करते हैं और वे परिणाम में निवेशित हो जाते हैं।"

जैसे ही उन्होंने प्रक्रिया को मजबूत किया, उन्होंने प्रत्येक चरण को रिकॉर्ड और डिज़ाइन किया ताकि चीजें छूट न सकें, जिसने उन्हें सलाह प्रदान करने के अपने दृष्टिकोण में सुसंगत बनने दिया।

परिणाम एक व्यवसाय है, जो अधिक सुव्यवस्थित और उत्पादक है, जिसने रैंडो को अपनी प्रैक्टिस को बढ़ाने दिया। साथ ही, अनुपालन की समस्या को कम करने के लिए ऐसा सिस्टम बनाना, जिसे बिल्डिंग में मौजूद हर व्यक्ति समझता है और उसका पालन करता है।

आपकी प्रक्रिया

तो आप अपनी प्रक्रिया कैसे बनाते हैं? एक तरीका वह है जैसा रैंडो ने किया, और जो कुछ भी आप अभी कर रहे हैं उसे दर्ज करें। कुछ सलाहकार सब कुछ टाइप करते हैं और एक मैनुअल बनाते हैं। अन्य प्रक्रिया के प्रत्येक चरण का वीडियो बनाते हैं या प्रक्रिया द्वारा कर्मचारियों को चलाने वाले सॉफ़्टवेयर को अनुकूलित करते हैं। इसे आपके CRM में बनाया जा सकता है या Excel स्प्रेडशीट पर चेकबॉक्स की एक श्रृंखला हो सकता है।

अपने संभावित क्लाइंट के साथ अपने शुरूआती संचार से लेकर क्लाइंट के जुड़ने तक, अपने चरणों की जांच करें। क्या आप बैठक से पहले तथ्य-खोज प्रश्नावली भेजते हैं? क्या आप पहली बैठक के दौरान तथ्य-खोजना पसंद करते हैं ताकि आप उनके साथ इसके माध्यम से बात कर सकें? कोई सही या गलत तरीका नहीं है, लेकिन आपकी तरफ से प्रलेखन होना चाहिए।

आपके पास एक लंबी टिक-बॉक्स प्रक्रिया हो सकती है, या विशिष्ट क्लाइंट प्रकार और गतिविधियों के लिए प्रक्रियाएं हो सकती हैं। रैंडो की प्रक्रियाएँ उनके व्यवसाय के भीतर विभिन्न स्ट्रीम्स के लिए अलग-अलग होती हैं, उदाहरण के लिए नया व्यवसाय, समीक्षाएं, एप्लिकेशन और एस्टेट प्लानिंग।

अपनी प्रक्रियाओं को नाम देने से ब्रांड निर्माण के दौरान भी सभी सलाहकारों और सहायक कर्मियों को टास्क पर रखा जा सकता है। और, क्लाइंट्स के लिए यह समझना आसान है, उदाहरण के लिए, जब आप उन्हें बताते हैं कि आप पेंशन समीक्षा प्रक्रिया पर एक साथ काम करने जा रहे हैं।

एक बहु-सलाहकार प्रैक्टिस में, प्रक्रियाएं सुनिश्चित करती हैं कि प्रत्येक क्लाइंट एक ही प्रक्रिया से गुजरे, फिर भले ही वह किसी भी सलाहकार के साथ क्यों न हों।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर क्लाइंट के साथ ठीक वैसा ही व्यवहार किया जा रहा है। प्रक्रियाओं को आपके सामने क्लाइंट के लिए वैयक्तिकृत, और जो वे हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं उसके अनुरूप किया जाना चाहिए।

समायोजन करना

लेकिन प्रक्रियाओं को बस रिकॉर्ड करके छोड़ देना पर्याप्त नहीं है। रैंडो की टीम ने व्यवस्थित रूप से अपनी प्रक्रियाओं के उन हिस्सों को सुलझाया जो क्लाइंट के लिए उनके साथ व्यवसाय करना मुश्किल बना सकते थे।

रैंडो ने कहा, "यह सुनने में सरल लगता है, लेकिन हमने हाल ही में महसूस किया कि जिस तरह से हमने अपनी कार पार्किंग का काम किया, उसने हमारे कुछ क्लाइंट्स को चिंतित कर दिया।" “हमने चर्चा की कि इसे कैसे सुधारा जा सकता है और नए साइनेज और पूर्व संचार के साथ, हमने समस्या को हल कर दिया। मैं हर सलाहकार को इस बात के लिए प्रोत्साहित करूँगा कि अपनी प्रक्रिया में घर्षण बिंदुओं की पहचान के लिए उन्हें क्लाइंट की जगह खुद को रखकर सोचना चाहिए। ऐसा करने से, क्लाइंट्स के लिए अधिक सुव्यवस्थित और सुखद परिणाम मिलते हैं।”

टेरी सी. जॉनसन, विंडसर, न्यू साउथ वेल्स, ऑस्ट्रेलिया के सात वर्षों से MDRT सदस्य, का अपना घर्षण बिंदु था – उनके व्यवसाय के बढ़ने से उनके समय की मांग बढ़ रही थी। उनकी फर्म के 800 सक्रिय क्लाइंट हैं, और जॉनसन के पास हर नए क्लाइंट का ध्यान रखने के लिए पहले जितना समय और ऊर्जा नहीं है।

उन्होंने पाया कि यदि उनकी प्रक्रिया को यथासंभव व्यवस्थित बनाया जाता, तो वह ज्यादा कार्यभार सौंप सकते थे और इससे त्रुटियां और चूक नहीं होंगी। वो बार-बार दोहराई जाने वाली प्रक्रिया, ऐसी जिसमें हर क्लाइंट को आमने सामने मिलना ज़रूरी न हो, को बड़े पैमाने पर काम करने और कार्य जीवन संतुलन की कुंजी मानते हैं।

उन्होंने रेफरल से शुरुआत की, जो एक जुड़ाव प्रक्रिया शुरू करते हैं। आमतौर पर यह क्लाइंट को फ़ोन कॉल, ईमेल और पत्राचार की प्रक्रिया से किया जाता था। लेकिन फिर जॉनसन ने अपना संदेश संभावित क्लाइंट तक पहुंचाने के लिए के छोटा वीडियो जोड़ा।

जॉनसन ने कहा, “कभी कभी जब आप भौतिक रूप से क्लाइंट से आमने सामने मिल नहीं सकते, तब अपने विचार और जुनून को क्लाइंट तक पहुँचाना मुश्किल होता है। “वैसे तो मैं अपनी सलाह प्रक्रिया में वीडियो शामिल करने के ज्यादा मौके देख रहा हूँ।

जॉनसन ने लगभग 20 अलग-अलग वीडियो के लिए स्क्रिप्ट लिखी है, जो जल्द ही निर्मित होंगे। “यह प्रक्रिया की शुरुआत के स्वागत वीडियो से लेकर अंतिम चरण में सलाह पूरी हो जाने के बाद हमारे विस्तृत परिवार में स्वागत करने तक होगा।

जॉनसन की प्रक्रिया अच्छी तरह से कोरियोग्राफ की हुई है, लेकिन इसमें बदलाव करने की गुंजाइश है। उन्होंने कहा “हम हर हफ्ते यह जानने के लिए बैठक करते हैं कि क्या काम कर रहा है और क्या नहीं। हम अभी इतने छोटे हैं कि हम जल्दी-जल्दी बदलाव करने योग्य हों। हम हमेशा कार्यकुशलता की तलाश में रहते हैं।”

वे यह कैसे करते हैं?

सलाहकार अपनी क्लाइंट प्रक्रिया साझा करते हैं

शुल्क या कमीशन क्लाइंट

शुल्क-आधारित क्लाइंट सभी एक ही प्रक्रिया का पालन करते हैं: क्लाइंट होमवर्क पैकेट पूरा करता है; हमने उनकी वर्तमान स्थिति का संक्षिप्त विवरण एक साथ रखा है। हम समस्याओं और अवसरों को इंगित करते हैं, और इस बारे में चर्चा करते हैं कि हम क्लाइंट के साथ कैसे काम करते हैं और कैसे हम उनकी मदद करने में सक्षम हो सकते हैं।

उनका शुल्क जटिलता और संपत्ति स्तर पर आधारित है। क्लाइंट अपने वित्तीय लक्ष्यों पर केंद्रित सिफारिशों के साथ एक लिखित वित्तीय योजना प्राप्त करता है। हम किसी भी आवश्यक बदलाव को लागू करने के लिए उनके साथ काम करते हैं। हम हर साल योजना अपडेट करते हैं और हर अपडेट पर नया शुल्क वसूलते हैं।

कमीशन-आधारित क्लाइंट एक-या दो-बैठक बिक्री चक्र हैं। मैं विस्तृत रूप से तथ्य खोजता हूँ और उन क्षेत्रों को निर्धारित करता हूँ जिनमें आवश्यकता है या जो चिंताजनक हैं फिर इनके साथ काम करके उपयुक्त उत्पाद आधारित समाधान तैयार करता हूं।

— इरेन स्टोल्टे, CLTC, LUTCF, 4-वर्षों से सदस्य, सोमरविल, न्यू जर्सी

विषयों को विभाजित करना

हमारी शुरुआती मीटिंग आमतौर पर एक चर्चा होती है जिसमें हम बताते हैं कि हम क्या करते हैं और कैसे मदद कर सकते हैं। हम अपनी प्रक्रिया के बारे में बताते हैं और तथ्य खोजते हैं। हमारा परिचय क्लाइंट से किस प्रकार हुआ उसके आधार पर तथ्य खोजने के लिए एक अलग मीटिंग हो सकती है।

अगली मीटिंग गैप विश्लेषण मीटिंग है जहाँ हम एक योजना प्रस्तुत करते हैं जो दिखाती है कि हम जो हासिल करना चाहते हैं उसमें गैप कहाँ है। इससे हमें कमियों की एक सूची मिलती है। इसमें बीमा, सेवानिवृत्ति नियोजन, संपत्ति नियोजन और सामान्य रणनीति शामिल होती हैं।

गैप विश्लेषण मीटिंग के बाद, जो क्षेत्र वे पहले ठीक करवाना चाहते हैं उनके लिए हम सलाह तैयार करते हैं। यदि वहां निवेश/ सेवानिवृत्ति और बीमा दोनों की अनुशंसा है तो हम इन्हें दो अलग योजनाओं और मीटिंग के तौर पर करते हैं। हमने यह पाया है कि इसे एक बार में एक विशेष क्षेत्र में विभाजित कर देने से क्लाइंट बहुत सारी जानकारी के कारण हुई दिमागी थकान के बिना जुड़ा रहता है।

हम अपनी समीक्षा भी इसी तरह करते हैं। हम बीमा की समीक्षा अलग करते हैं और छह महीने के बाद निवेश/नियोजन की समीक्षा करते हैं।

— पॉल एंड्रयू फाउलर, 15 वर्षों से सदस्य, केर्न्स, क्वींसलैंड, ऑस्ट्रेलिया

क्लाइंट के प्रकार के अनुसार बना हुआ

पहली मीटिंग काफी हद तक तथ्य खोजने के लिए होती है, जहाँ हम यह जानने के लिए कुछ विशेष प्रश्न पूछते हैं कि वे क्या हासिल करना चाहते हैं। हम वित्तीय योजना प्रस्ताव तैयार करते हैं, जो रेखांकित करता है कि हमारे अनुसार हम कहाँ मदद कर सकते हैं। यह काफी सामान्य प्रकृति का होता। इस डॉक्यूमेंट में हम अपने शुल्क का कोटेशन भी देते हैं।

यदि हमें क्लाइंट से आगे बढ़ने की सहमति मिल जाती है, तो हम दूसरी मीटिंग के पहले उनकी रणनीतिक आवश्यकताओं के हिसाब से काफी गणना कर लेते हैं। हम अपने सेवानिवृत्ति वाले क्लाइंट के लिए काफी मॉडलिंग करते हैं और दूसरी मीटिंग में उनसे विस्तार से इसकी चर्चा करते हैं। यदि हम बीमा वाले क्लाइंट का काम कर रहे हैं, तो दूसरी मीटिंग बीमा के लिए अलग-अलग कोटिंग विकल्प पर नज़र डालने के लिए होती है जिसकी उन्हें आवश्यकता हो सकती है या जिन्हें वह चाहते हैं। हम इस दूसरी मीटिंग में उनसे एक निश्चित वचन प्राप्त करने की कोशिश करते हैं।

तीसरी मीटिंग सलाह देने के लिए होती है, और साथ ही इसमें हमारी अनुशंसाओं की औपचारिकता और प्रक्रिया की बात होती है।

— डोमिनिक स्चूह, 7 वर्षों से सदस्य, जिमपाइ, क्वींसलैंड, ऑस्ट्रेलिया

मीटिंग से पहले

हमारे मिलने से पहले, हमारे संभावित क्लाइंट एक प्री-मीटिंग प्रश्नोत्तरी भरते हैं। इससे हम यह निश्चित कर पाते हैं कि हम उनकी सहायता कर सकते हैं या नहीं और वो हमारे क्लाइंट होने के मापदंड पूरे करते हैं। इसके बाद, हम एक डिस्कवरी मीटिंग करते हैं जहाँ हम उनके द्वारा प्रश्नोत्तरी पर दी गई जानकारी और उन्हें अपने जीवन और पैसों से क्या चाहिए, इसे पूरी तरह समझने की कोशिश करते हैं।

इसके बाद हम शोध करते हैं और अपनी खोज के बारे में बात करने के लिए मीटिंग सेटअप करते हैं। हम आमतौर पर एक संपत्ति प्रबंधन योजना बनाते हैं।

आखिर में, हम एक लागू करने के बारे में मीटिंग करते हैं। वहां से वे या तो पारिवारिक क्लाइंट या एक ग्राहक बन जाते हैं, जो इस बात पर निर्भर करता है कि हम उन्हें सम्पूर्ण सेवा या ट्रांजेक्शनल सेवा प्रदान कर रहे हैं।

— साइमन डी. लिस्टर, Dip PFS, 12-वर्षों से सदस्य, वेमोंधाम, इंग्लैंड

निम्नलिखित MDRT सदस्यों ने इस लेख में योगदान दिया है: डेविड ब्रेथवेट, Dip PFS; पीटर जेसन बायरन; जोनाथन गॉडशेल कैमाचो; सोफिया डुमांस्की, एमबीए, LUTCF; डेनिएल जे. जेनियर, CLU, CFP; रैंडल डी. कॉफमैन; जोनाथन पीटर केसल, CLU, B Com; जूली वाई. मैकनीले, CFP, CLU; मार्क डी. ओल्सन, CFP, MSFS।

 

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