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अनिच्छुक प्रॉस्पेक्ट को क्लाइंट में परिवर्तित करने के आइडिया

Antoinette Tuscano

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अपनी प्रोत्साहन की शक्ति को बढ़ाने और क्लाइंट की टालमटोल को ख़त्म करने के तरीके जानें।

क्लाइंट की टालमटोल कैसे समाप्त करें

न्यूपोर्ट बीच, कैलिफोर्निया के 31-वर्षों से MDRT सदस्य डेविड एल. अलारिड द्वारा

हमारे लिए यह ज़रूरी है कि हमारे क्लाइंट संभावना की दुनिया में सोचना बंद करके परिणामों की दुनिया में सोचना शुरू करें।

दूसरे शब्दों में, उनकी मानसिकता है कि “इस बात की कितनी संभावना है कि अगले साल, या उसके अगले साल या उसके भी अगले साल मेरी मौत हो जाएगी”? क्योंकि वे कम संभावना मानते हैं, इसलिए वे अपने परिवारों की रक्षा करने में विलंब करते हैं। मैं उन्हें बताता हूं कि वे गलत सवाल पूछ रहे हैं। यह आपकी मृत्यु की संभावना का प्रश्न नहीं है। प्रश्न यह है कि आपकी मौत के बाद आपके परिवार का क्या होगा!

हमें अपने क्लाइंट और प्रॉस्पेक्ट को स्पष्ट तौर पर बताने की ज़रूरत है कि “आपने मुझे संभावना की दुनिया में काम करने के लिए नहीं रखा है; आपने मुझे परिणामों की दुनिया में काम करने के लिए रखा है।” यदि हम मूल्य अनुरूपता स्थापित करते हैं, तो हम अपने क्लाइंट और प्रॉस्पेक्ट के लिए अधिक मूल्यवान हो जाते हैं। इसलिए, जांच-पड़ताल पूरी करने और यह जानने के बाद कि मेरे पास करने के लिए कुछ काम है, मैं अपने प्रॉस्पेक्ट को बताता हूँ कि कुछ आइटम हैं जिनपर उन्हें ध्यान देना है। लेकिन हमें मूल्य अनुरूपता साझा करने की आवश्यकता है।

यदि हम करते हैं, तो मुझे पता है कि मैं उनकी मदद कर सकता हूं। यदि नहीं, तो उन्हें किसी और के साथ काम करना होगा। मूल्य अनुरूपता के तीन भाग हैं:

  1. “यदि मैं या आप मर गए तो हमारे परिवार ठीक रहेंगे। यह मेरे लिए महत्वपूर्ण है। क्या यह आपके लिए महत्वपूर्ण है?”
  2. “यदि हमारे पति या पत्नी मर जाते हैं, तो भी हमारे परिवार ठीक रहेंगे। यह मेरे लिए महत्वपूर्ण है। क्या यह आपके लिए महत्वपूर्ण है?”
  3. "हम हर महीने कुछ पैसा अलग निकालते हैं, इसलिए हमें बुढ़ापे में अपने बच्चों से मदद मांगने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी, और न ही उनसे यह कहने की कि ‘क्षमा करें, जो मैं चाहता था, मैं नहीं कर सका। मेरे मरने तक आपको मेरा ख्याल रखना होगा।' यह मेरे लिए महत्वपूर्ण है। क्या यह आपके लिए महत्वपूर्ण है?”

अगर हमें तीन हाँ मिलते हैं, तो मैं उनकी मदद कर सकता हूँ। यदि वे प्रक्रिया में बाद में हिचकिचाते हैं, मैं वापस इन चीज़ों पर आकर उनसे पूछ सकता हूं कि हमारी उस बातचीत के बाद से क्या बदला है।

अपनी प्रोत्साहन की शक्ति को बढ़ाने के 3 टिप्स

इन्फ्लूएंस एट वर्क के संस्थापक रॉबर्ट सिअल्डिनी द्वारा

आपके पास अपने क्लाइंट के लिए सबसे अच्छे विचार हैं - अब यदि आप उन्हें केवल अपनी सलाह मानने के लिए मना सकते हैं! दूसरों को मनाने की कला में अधिक सफल होने के लिए इन तीन टिप्स पर विचार करें:

  1. लोग वह वापस करते हैं, या उनकी अदलाबदली करते हैं, जो उन्हें दिया जाता है। यह पैसे या सेवाओं के आदान-प्रदान से अधिक है। उदाहरण के लिए, जब आप किसी वार्तालाप में शामिल होते हैं, यदि आप दूसरों को ध्यान, सूचना और सम्मान प्रदान करते हैं, तो आप संभवतः उनसे वही प्राप्त करेंगे।
  2. लोग वह चाहते हैं, जो उनके पास नहीं हो सकता। जब आप किसी को कुछ करने के लिए मनाने की कोशिश कर रहे हैं, तो अपनी सिफारिशों के अनूठे या अन्यथा अप्राप्य लाभों का वर्णन करना महत्वपूर्ण है। लोग तब हरकत में आते हैं जब उन्हें पता चलता है कि वो क्या खोने जा रहे हैं, न कि वह संभवतः क्या हासिल कर सकते हैं।
  3. विशेषज्ञ बनें। यदि आप चाहते हैं कि लोग आपको फॉलो करें, तो साबित करें कि आप जानते हैं कि आप किस बारे में बात कर रहे हैं। बातचीत शुरू करने से पहले, उस व्यक्ति को अपनी उपलब्धियों, साख, पृष्ठभूमि और विशेषज्ञता से जुड़ी जानकारी प्रदान करें,जिसे आप प्रभावित करना चाहते हैं।

पैसे के प्रति क्लाइंट्स के नजरिए को पहचानना

एंटोनेट टस्कानो द्वारा

पैसों के बारे में आपके क्लाइंट की धारणाएं इस बात को प्रभावित करती हैं कि वे वित्तीय निर्णय कैसे लेते हैं। यदि आप समझते हैं कि वे पैसे को किस तरह देखते हैं, तो आप जान पाएंगे कि वे बदलाव और इसकी योजना बनाने को लेकर कितने खुले हैं।

जेम्स डब्ल्यू. गॉटफर्च्ट, पीएचडी, एक मनोवैज्ञानिक जो वित्तीय पेशेवरों और क्लाइंट्स को तर्कहीन सोच और व्यवहार से बाहर निकलने में मदद करते हैं, ऐसे छह प्रकार के क्लाइंट्स का वर्णन करते हैं, जो विशेष रूप से एक वित्तीय सलाहकार के दृष्टिकोण में मनोवैज्ञानिक उपस्थिति से लाभ उठाते हैं। ये वह क्लाइंट्स हैं, जिन्हें:

अचानक पैसा मिला है। चूंकि उन्होंने पैसा कमाया नहीं होता, इसलिए संभव है कि उन्हें अपने धन-दौलत को संभालने और बढ़ाने में कठिनाई का अनुभव करना पड़े।

अत्यधिक वित्तीय तनाव से पीड़ित हैं। वे अपने धन-दौलत के कुछ पहलुओं को लेकर बेचैनी, चिंता और डर व्यक्त करते हैं।

वैवाहिक या पारिवारिक समस्याओं का सामना करना पड़ा। पैसा अक्सर तर्क-वितर्क, सत्ता संघर्ष और विवाद का केंद्र बन जाता है।

पूर्व में वित्तीय असफलताओं का अनुभव किया। वे इस तथ्य को नज़रंदाज़ कर रहे हो सकते हैं कि वे अपने वित्तीय भविष्य को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

जोखिम लेने में कमजोर हैं। वे या तो बहुत रूढ़िवादी हैं या बहुत आवेगी हैं। जोखिम उठाने वाले अधिक रूढ़िवादी लोग निवेश करने और जोखिम से लाभ कमाने के लिए समय पर वित्तीय निर्णय लेने में असफल रहते हैं। जोखिम उठाने वाले आवेगशील लोग ज़रूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया व्यक्त करते हैं और खतरनाक एवं अक्सर अपनी वित्तीय सफलता विकल्पों को नुकसान पहुंचाने वाले निर्णय लेते हैं।

व्यक्तिगत और व्यावसायिक लाभ लेने के लिए उत्सुक और प्रेरित हैं। इसी तरह के क्लाइंट आप अपनी बुक ऑफ़ बिज़नेस में रखना चाहते हैं। उनके पास वह होता है, जिसे गॉटफर्च्ट "समृद्ध सोच, गरीब सोच नहीं" कहते हैं।

 

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