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उत्तराधिकारी नियुक्त करने की योजनाएं क्यों विफल होती हैं

Matt Pais

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सलाहकार जिन दुविधाओं में उलझ जाते हैं उनके बारे में और उनसे बचने का तरीका भी जानें।
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जब बात उत्तराधिकार सौंपने की आती है, तो हो सकता है कि ईलेन मिल्ने, Dip PFS के बारे में सुनकर आपको जलन महसूस हो। मिल्ने की मूल कंपनी ने न केवल उन्हें सेवानिवृत्त हो रहे उन सलाहकारों से मिलवाया, जो बेहतर विकल्प हो सकते थे, बल्कि वित्तीय सलाहकारों के लिए आंतरिक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया, जिसके ज़रिए वे अपना उत्तराधिकारी ढूँढ पाईं। उन्होंने 2018 की शुरुआत में यह सब किया।

उनके उत्तराधिकारी के काम करना शुरू करने के तीन महीने बाद ही, उसने इस काम को छोड़ दिया। संक्षेप में कहें, तो वह सिर्फ क्लाइंट बेस बनाने और उन्हें सेवा देने का काम तक नहीं कर पा रहा था।

स्कॉटलैंड स्थित डुंडी की 10 वर्षों से MDRT सदस्य मिल्ने कहती हैं, "मैंने सोचा था कि मेरे पास कोई ऐसा व्यक्ति है जो कि एक बेहतरीन वित्तीय सलाहकार बन सकता है, लेकिन उसने वह एक भी काम नहीं किया, जिसे मैंने उसे करने के लिए कहा था।" “मेरा एक क्लाइंट था, जो उस समय मौत के बेहद करीब था। यह सुनिश्चित करना कि वह शांति से अपने जीवन के अंतिम पल काट सके, यह व्यावहारिक और मनोवैज्ञानिक दोनों परिप्रेक्ष्य से कठिन होता है। आखिर कैसे आप एक ऐसा सलाहकार ढूंढ़कर उसे मुख्यधारा में ला सकते हो, जिस पर आप भरोसा कर सकें कि वह आपके क्लाइंट की तब देखभाल करेगा, जब वे जीवन की अंतिम घड़ियां गिन रहे हों? यह बेहद मुश्किल है।”

सच में। हालांकि, सभी सलाहकारों को आखिरकार उत्तराधिकार सौंपने की आवश्यकता पड़ेगी, ऐसे कई कारण हैं, जिनसे इन बदलावों को लेकर जूझना पड़ता है या ये पूरी तरह से विफल हो जाते हैं – और ये कारण बहुत ही छोटे और गहन थे, जैसे कि उचित मूल्यांकन नहीं करने और सही ढंग से आगे की योजना नहीं बनाना।

इसे विस्तार से यहां बताया गया है

स्टीव कैल्डरा, CLU, ChFC के सामने शुरुआत में कम से कम ऐसी समस्या तो नहीं थी कि उनका उत्तराधिकारी काम ही नहीं संभाल पा रहा था। ऐसा देखने में आया था कि उत्तराधिकार सौंपने की प्रक्रिया की बारीकियों को हल्के तौर पर नहीं लिया जा सकता है।

कॉलोराडो स्थित डेनवर के इस 12 वर्षों के MDRT सदस्य ने संपत्ति और आपदा प्रबंधन करने वाले उस अनुभवी एजेंट के साथ कुछ वर्षों तक मीटिंग की, जिसने अपने परिवार की एजेंसी का काम हाथ में लिया था। एजेंट ने पूर्णकालिक रूप से वित्तीय सेवाओं में शामिल होने का फैसला किया था और उसे देखकर लग रहा था कि वह कैल्डरा के साथ उसकी कंपनी में शामिल होने लायक सबसे बेहतर विकल्प है। दोनों व्यक्तियों ने लगभग एक वर्ष एजेंट के उत्तरदायित्व के हस्तांतरण को अमल में लाने की योजना बनाने में लगा दिए।

हालांकि, उन्होंने इस बात का पूरी तरह से पता नहीं लगाया था कि हस्तांतरण की इस प्रक्रिया में काम का शेड्यूल क्या होगा और उसके वित्तीय पहलू क्या होंगे।

कैल्डरा ने कहा, “मेरी गलती यह थी कि मैं यही कहता रह गया कि समय आने पर हम हर मामले पर बात कर लेंगे।” "आखिरकार जब मैंने इस काम में लगाए समय और कार्यालय के स्थान व कर्मचारियों द्वारा लगाए गए समय और उसकी लागत का हिसाब लगाया, तब मैंने तय किया कि मुझे इस पूरे खर्च को वसूलने के लिए एक साल तक एजेंट के व्यापार का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा लेना होगा। यहां तक कि इसके बाद भी मुझे कुछ नुकसान होता, फिर भी उम्मीद थी कि इस नुकसान की भरपाई आने वाले वर्षों में हो जाएगी। मैं कुछ क्लाइंट एजेंट को देने के बारे में सोच रहा था।”

इस वित्तीय व्यवस्था के बारे में सुनकर एजेंट घबरा गया, यह देखकर कैल्डरा भी अचरज में पड़ गए।

कैल्डरा ने एजेंट को यह भी बताया कि उसे प्रति सप्ताह में करीब 60 घंटे देने होंगे (जिसमें प्रशासकीय कार्य, नियोजन और शिक्षण समय शामिल है) और प्रोफ़ेशनल डेवलपमेंट के लिए पहले दो वर्षों में करीब $20,000 डॉलर तक खर्च करने के लिए भी तैयार रहना होगा। इस बात से उसकी घबराहट और बढ़ गई।

कैल्डरा ने कहा, “चूंकि वह कई वर्षों से इंश्योरेंस के व्यवसाय में था, तो मुझे लगा कि इन सब बातों से पहले से ही वह परिचित होगा”। "मैंन सोचा था कि वह वास्तव में उस P&C एजेंसी का एक चेक देने वाला था, जिस एजेंसी को उसने लिया था और ऐसा उसने नहीं किया, साथ ही मुझे लगा था कि वह अपना उतना ही समय व्यवसाय को देगा, जितना कि मैंने अपने व्यवसाय के शुरुआती वर्षों में दिया था। ये दोनों ही अनुमान गलत साबित हुए।”

कैल्डरा ने स्वीकार किया कि उन्हें अपनी अपेक्षाओं के बारे में साफ़ तौर पर बात करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा, “मैंने इसकी ज़िम्मेदारी ली”, ध्यान रखा कि उनके और एजेंट के बीच दोस्ताना व्यवहार बना रहे। "मुझे उसी तरह से तथ्यों के बारे पता करना चाहिए था, जिस तरह से मैं अपने क्लाइंट को लेकर करता हूं।"

बेशक, चीज़ों की गहराई तक जाना, कभी-कभी अपने आप में गलती की वजह बन जाता है। जॉन आर. बेंटन जूनियर, CLTC, को लगा था कि वे स्कीइंग दुर्घटना में मारे गए सलाहकार की विधवा को वह काम सौंपकर एक बेहतर ऑफ़र पेश करने जा रहे हैं, जिसमें पिछली बार से दो गुना कमाई मिलने की गारंटी है।

लेकिन उस सलाहकार ने उत्तराधिकार सौंपने को लेकर कोई योजना नहीं बनाई थी, और न्यूजर्सी स्थित वॉरने निवासी 14 वर्षों से MDRT सदस्य बेंटन, जिन्हें इस स्थिति से निपटने का तरीका नहीं पता था, उन क्लाइंट का लेखा-जोखा नहीं रखे पाए, जो उत्तराधिकार सौंपने की इस प्रक्रिया के दौरान उनका साथ नहीं निभा पाए थे।

उन्होंने कहा, “एक वर्ष में ही, कमाई की गारंटी देने वाले इस काम में भी हमने व्यवसाय के बहुत से मौके गवां दिए थे। वह तो मौजूदा लेखा-बही से दो गुना ज़्यादा कमाई कर लेगी, लेकिन मैं उसका केवल 1.25 ही हासिल कर पाऊँगा”। यहां तक कि 58 प्रतिशत प्रबंधित धन खाते ही बचे थे, और व्यवसाय अपने हाथ में लेने के दो वर्षों में बेंटन अपेक्षित से $180,000 कम आय अर्जित कर पाए थे।

उन्होंने कहा, "जब हमारी समझ में आया कि इस हद तक नुकसान हो चुका है, तो हम समीक्षा के लिए हर एक क्लाइंट तक पहुंचे।" "हमने तब तक फोन किए, ईमेल और पत्र भेजे, जब तक कि हम उन क्लाइंट से नहीं जुड़ पाए और सभी को लेकर समीक्षा की।"

हालांकि, इससे आखिरकार हम तीन गुना आय हासिल कर सके, वहीं बेंटन को अहम सीख मिली कि कमाई की गारंटी देने वाले काम भी आपकी बॉटम लाइन के लिए बड़ी समस्याएं खड़ी कर सकते हैं।

अधूरी सफलता कभी सफलता नहीं कहलाती

50 कंपनियों और 100 से भी अधिक एक्ज़ीक्यूटिव की उत्तराधिकारी तय करने में मदद कर चुकीं जेरी टर्ली का कहना था कि बेंटन का अनुभव सामान्य नहीं था, जो कि गुजर चुके सलाहकार की स्वाभाविक अक्षमता के चलते उन्हें उस अनुभव से गुजरना पड़ा, क्योंकि वह सलाहकार उसके क्लाइंट और बेंटन के बीच नए संबंध कैसे बना पाता। वास्तव में, उत्तराधिकार सौंपने की प्रक्रिया के विफल होने के पीछे उन्हें क्लाइंट के साथ संबंधों का एक से दूसरे सलाहकार को हस्तांतरण नहीं करने (जैसा कि बेंटन के मामले में हुआ) और शेयरधारक के बाय आउट के वित्तपोषण की योजना नहीं बनाने (जैसे कि कैल्डरा के मामले में हुआ) के रूप में दो मुख्य कारण पता चले। और यह ध्यान रखना भी बेहद ज़रूरी है कि कैसे इनमें से कोई एक समस्या अपने आप ही आपके दूसरी समस्यों से बचने के प्रयासों को विफल कर सकती है।

टर्ली बताती हैं, “एक एजेंसी ने यह पता लगाकर बहुत लाज़वाब काम किया कि सेवानिवृत्त हो रहे साझेदार को कितना भुगतान किया जाए, लेकिन जब उनसे मैंने पूछा कि आपने यह सुनिश्चित करने के लिए क्या किया है कि किसी स्रोत से आगे भी उतनी ही आय मिलती रहे, तो उनका कहना था कि ‘कुछ भी नहीं किया’।” “व्यावसायिक संगठन यह तो तय करने जा रहे हैं कि वे किसी के सेवानिवृत्त होने के बाद उसे भुगतान करेंगे, लेकिन अगर आप एक से दूसरे सलाहकार को क्लाइंट पूरी तरह से हस्तांतरित नहीं करते हैं और क्लाइंट कहीं और चले जाते हैं, तो उससे होने वाले नुकसान की भरपाई करने के लिए आपने मौजूदा साझेदार को कितनी राशि का भुगतान करने के बारे में सोचा है।”

जबकि यह करना इतना भी जटिल नहीं है, वहीं सलाहकारों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि इसमें शामिल सभी पक्ष इससे सहमत हों। कनाडा स्थित ओंटारियो के टिमिन्स की रहने वाली MDRT की 19 वर्षों से सदस्य डेनिएल जे. जेनियर, CLU, CFP जब रायन नाम के नए सलाहकार, जिसका उनके उत्तराधिकारी के तौर पर साक्षात्कार हुआ था, को नियुक्त करने के दौर से होकर गुज़र रहीं थी, तब आईं मुश्किलों से उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला। उसके साथ हर चीज़ अच्छे से हो रही थी और उत्तराधिकार हस्तांतरण की यह प्रक्रिया भी अच्छे से चल रही थी।

उसके साथ हर चीज़ अच्छे से हो रही थी और उत्तराधिकार हस्तांतरण की यह प्रक्रिया भी अच्छे से चल रही थी।

जेनियर ने कहा, "उसमें के कुछ खंड यह दर्शा रहे थे कि मैं डील तोड़ सकती हूं, और वह भी ऐसा कर सकता है।" “मैंने कहा कि, ‘नहीं, हममें से कोई भी पीछे नहीं हट सकता; यह एक पक्की डील है।’

“बाद में मुझे समझ में आया कि हमारे व्यवसाय और उसमें काम करने के तरीके को समझाने के लिए मुझे वास्तव में वकील को थोड़ा समय देना चाहिए था।”

आखिरकार, रायन को नए वकील की सेवा लेनी पड़ी और वेल्यूएशन और सेल के बारे में समझाने के लिए जेनियर को वकील के साथ एक घंटा बिताना पड़ा। वे इस बात को लेकर चिंतित थीं कि समझौते कई सारे ड्राफ़्ट बनाने के लिए $2,200 डॉलर की अतिरिक्त फ़ीस देनी पड़ रही है।

अपने उत्तराधिकारी का मार्गदर्शन करना

उन्हें यह बात भी पता चली कि भले ही आपके साथ सही व्यक्ति हो, फिर भी दोषपूर्ण परिस्थितियां बन सकती हैं। हर सप्ताह, जेनियर स्टाफ़ के साथ अपने महत्वपूर्ण लक्ष्यों पर बात करने के लिए समय निकाल ही लेतीं और फिर उन्होंने सब अपने उत्तराधिकारी के हाथों में सौंप दिया। जल्द ही यह स्पष्ट हो गया कि स्टाफ के सदस्य उन लक्ष्यों को पाने के लिए आवश्यक समय नहीं दे पा रहे हैं, और उन्होंने इसके पीछे की वजह यह बताई कि जेनियर हमेशा उन्हें ट्रैक पर रखती थीं, जो अब नहीं हो पा रहा है।

उन्होंने कहा, “शुरू में तो मैं रायन को लेकर बहुत परेशान थी, क्योंकि मैंने उसे सारी ज़िम्मेदारी सौंपी थी”। “संयोग से वह छुट्टी पर गया था, जिससे मुझे सोचने और समझने का समय मिला, तो पता चला कि यह उसकी गलती नहीं थी; बल्कि मेरी गलती थी। मैंने उसे ठीक से कोच नहीं किया, और मैं इस बात पर ध्यान नहीं दे पाई थी कि वह इस नए काम को कैसे संभाल रहा है।”

जेनियर ने अब आंशिक रूप से रायन को सौंपी ज़िम्मेदारी को वापस ले लिया है, ताकि कर्मचारियों को सलाह देने में मदद मिल सके और साथ ही रायन को अधिक सुविधाजनक रूप से काम करने में मदद मिले।

ध्यान रखने लायक बात यह है कि हैरान होने की बजाय यह पहले ही समझ लें कि कौन-कौन सी गलतियां हो सकती हैं, क्योंकि आपने व्यवसाय के अधिकारों का हस्तांतरण करते समय उसकी बारीकियों पर गौर नहीं किया। क्या किसी को पता है कि कनाडा स्थित ब्रिटिश कोलंबिया के वैंकूवरनिवासी कार्ल जॉन क्रोकोसिन्सकी 36 वर्षों से MDRT सदस्य हैं, जिन्होंने उत्तराधिकार सौंपने की 100 से भी अधिक प्रक्रियाओं को लेकर सुझाव दिए हैं।

आंकड़ों के अनुसार

46 देशों के 2,300 से अधिक निदेशकों और वरिष्ठ अधिकारियों (24 प्रतिशत वित्तीय सेवा पेशेवर थे) के 2017 KMPG सर्वेक्षण में से केवल 14 प्रतिशत ने उत्तराधिकारी सौंपने की योजना स्थापित की है और समय-समय पर इसकी समीक्षा करते हैं। तीसरे उत्तरदाता ने कभी इस विषय पर चर्चा नहीं की।

उन्होंने एक सलाहकार और उसके उत्तराधिकारी के बीच बेहद उतार-चढ़ाव भरे रिश्ते देखे, क्योंकि उन दोनों के विचार और काम करने का तरीका एक-दूसरे से बिल्कुल भी मेल नहीं खाता था। उन्होंने देखा कि जो कनिष्ठ सलाहकार था उसका पहनावा सही नहीं था और क्लाइंट के साथ बात भी ठीक से नहीं करता था, और न सिर्फ क्लाइंट के साथ उनके रिश्ते को खराब करता था, बल्कि यह भी जाहिर कर रहा था कि वह इस पेशे के काबिल नहीं है। (एक क्लाइंट ने तो यह कह दिया कि “अगर यह तुम्हारी जगह लेने वाला नया व्यक्ति है, तो मैं तुमसे सेवाएं नहीं लूँगा।”) और क्रोकोसिन्सकी ने यह भी देखा कि वरिष्ठ सलाहकार कनिष्ठ की गलतियों को सुधारने की कोशिश में इसलिए लगा रहता था, क्योंकि उसे क्लाइंट से जुड़े रहना था, इससे दोनों के बीच आपसी समझ की बजाए अहम की भावना बढ़ती।

क्रोकोसिन्सकी ने कहा, “उसने कभी-भी सही सवाल नहीं पूछे; उसे लगता था कि उसे बस इसके ज़रिए बिक्री करनी है”। "व्यापार से बाहर निकलने वाले लोग किसी काम को उस तरह से नहीं कर रहे होते, जिस तरह से युवा पीढ़ी चाहती है, और कभी-कभी नए तरीके क्लाइंट को पसंद आते हैं।"

दूर की सोचें और जल्द अमल में लाएं

कोई बात नहीं, वर्तमान पर ध्यान देते समय भविष्य के बारे में सोचना न भूलें। बेंटन के स्थान पर उनकी उत्तराधिकारी हैं उनकी बेटियां (और उनके इस ज़िम्मेदारी को उठाने के चलते बेंटन का किसी अन्य काम को हाथ में लेने की ओर आकर्षण बढ़ा)। हालांकि, उन्हें अभी भी अपनी बेटियों से उनके उत्तराधिकार सौंपने की योजनाओं के बारे में बात करना बाकी है, उन्होंने टीम के ऐसे और प्रमुख सदस्यों को अपने साथ जोड़ने का काम किया, जो अपनी जनसांख्यिकीय के करीब हों।

बेंटन ने कहा, “मैंने अपनी टीम को इस तरह समायोजित किया ताकि वो उनके साथ आगे बढ़ सकें।”

क्योंकि, आखिरकार उत्तराधिकार सौंपने की योजना अपने व्यवसाय की निरंतर वृद्धि के लिए बनाई जाती है और इसकी तैयारी आज से ही शुरू कर देनी चाहिए, फिर भले ही वह शुरुआत छोटी क्यों न हो।

8 ऐसे प्रश्न, जिन्हें अपना उत्तराधिकार सौंपने की योजना का निष्पादन करने से पहले खुद से पूछना चाहिए

चाहे आप किसी के व्यवसाय को छोड़ रहे हों या किसी और का व्यवसाय अपना रहे हों, क्रोकोसिन्सकी ने ये प्रश्न पूछने की सिफारिश की है:

  1. आप/उत्तराधिकार लेने वाला सलाहकार क्लाइंट से कितना समय पहले मिला? क्रोकोसिन्सकी ने कहा, "अगर कोई कहता है कि 10 साल पहले, तो फिर उसका तो भगवान ही मालिक है।"
  2. क्या अनुबंध की फ़ाइल में भुगतान किए जाने वाले प्रीमियम या किए जाने वाले सभी भुगतान और सभी संपत्तियों का खाका तैयार कर लिया गया है? उन्होंने कहा कि इसका प्रभाव खरीदार के तौर पर आपके अनुभव पर पड़ता है।
  3. परिवारों की कितनी पीढ़ियों को सेवाएं देते आ रहे हैं? क्रोकोसिन्सकी के अनुसार अगर सलाहकार ने किसी परिवार में केवल पिता को अपनी सेवाएं दी हैं और बेटे या दादा से तक उसकी सेवाएं नहीं पहुंच पाई हैं, या उनसे मुलाकात नहीं हो पाई है, तो जब ऐसा व्यवसाय आप लेते हैं तो उस परिवार के ज़रिए अपना व्यवसाय बनाए रखना एक चुनौती होगा।
  4. किसी क्लाइंट की फ़ाइल में कौन-कौन सी जानकारी है? इसमें दूसरी चीज़ों के साथ क्लाइंट और उनसे जुड़े लोगों के नाम और उनके जीवनसाथी और बच्चों की जन्मतिथियों के अलावा वर्षगाँठ की तिथियां, परिवार के फ़ोटो आदि चीज़ें शामिल होनी चाहिए। क्या इसमें उनकी ज़रूरतों को लेकर पिछले 12 महीनों में किया गया विश्लेषण भी शामिल होना चाहिए?
  5. क्लाइंट ने अब तक क्या किया और क्या नहीं किया, क्या इस बारे में पिछले सलाहकार ने वास्तव में उनसे बात की थी? ऐसा करने से उन बातों पर ध्यान देने का मौका मिलता है, जिन्हें पहले नज़रअंदाज कर दिया गया।
  6. कौन-से अनुबंध दोनों को एक समान अधिकार देकर एकमत बनाते हैं? क्रोकोसिन्सकी ने कहा कि चाहे वह वसीयतनामा हो, अटॉर्नी के अधिकार हों या खरीद-फ़रोख्त के समझौते हों, सुनिश्चित करें कि सभी दस्तावेज स्पष्ट हों, जिसमें यह भी साफ़तौर पर लिखा हो कि अगर कोई व्यक्ति बीमार हो जाए है या उसकी मृत्यु हो जाए, तो कौन-सी शर्तें लागू होंगी, यह सब ठीक उसी तरह से तय करें, जैसे कि आप एक ग्राहक के साथ करते हैं।
  7. क्या वाकई में आप अपना पेशा और क्लाइंट किसी ओर को सौंप सकते हैं? कुछ कंपनियां आपको यह बताने का अधिकार सुरक्षित रखती हैं कि आप किसे चुन सकते हैं और किसे नहीं।
  8. कंपनी का ब्रांड किसे बनाया गया है? क्रोकोसिन्सकी लोगों को कंपनी के नाम के रूप में अपने नाम का उपयोग करने से मना करते हैं। अगर आप इस तरह से किसी पेशे को अपनाते हैं, तो भी यह क्लाइंट तक पहुंचने और उन्हें कंपनी का नाम बताने और उनसे जुड़े लोगों के बदलने के बारे में बताने का मार्केटिंग संबंधी अवसर है। इसे नए स्टाफ़ से क्लाइंट के मिलने के ईवेंट के रूप में भी देखा जा सकता है।

कौन और कैसे?

अपने उत्तराधिकारी और वह इस हस्तांतरण के लिए किस तरह से भुगतान करेगा, इस बारे में सोचते समय, टर्ली इन चीज़ों पर भी गौर करने को कहते हैं:

क्या वह व्यक्ति वाकई में आपके व्यवसाय की कमान अपने हाथ में लेना चाहता है, जिसके बारे में आप सोच रहे हैं? “बहुत से व्यवसायों के मालिकों को कोई ऐसा व्यक्ति मिलता है जो या तो उनका प्रमुख कर्मचारी होता है या परिवार का कोई सदस्य, जिसे वे अपने सही विकल्प के तौर पर सोचते हैं। समय के साथ उन्हें पता चलता है कि उस व्यक्ति को तो व्यवसाय संभालने में कोई दिलचस्पी नहीं है और अब तक वे उसके भरोसे में ही अपना समय बर्बाद करते रहे।"

अगर वे इसमें दिलचस्पी रखते हैं, तो वे कब इस पेशे में आने की योजना बनाना शुरू करते हैं? टर्ली ने कहा, “उन व्यवसायों में जहां कोई व्यक्ति किसी पेशे का 100 प्रतिशत मालिक है, अगर वे धीरे-धीरे अपना व्यवसाय किसी और को सौंपने की प्रक्रिया शुरू नहीं करता है, तो मुझे नहीं पता कि वे अपनी सेवानिवृत्ती का समय नज़दीक आने पर किसी को अचानक से ऐसा करने के लिए कैसे मना पाते हैं”।

क्या शेयरधारकों के बजाए कंपनी बायआउट कर सकती है? “मेरे बात करें, तो मैं कुछ मिलियन डॉलर लगाने की स्थिति में नहीं हूं, लेकिन मैं बैंक को अपनी फ़र्म के बारे में बताकर उनसे पूछ सकता हूं कि क्या वे मेरी फ़र्म को ऋण देंगे। यह उसके लिए एकमुश्त खरीदी होगी और अगले पांच वर्षों के दौरान मैं ऋण का भुगतान उस आय का उपयोग करके कर सकता हूं, जिसे मुझे किसी न किसी प्रकार से उसे चुकना ही पड़ता।"

संपर्क

John R. Benton Jr. at john.benton@prudential.com.

Steve Caldara at steve@caldaracompany.com.

Danielle J. Genier at danielle.genier@londonlife.com.

Karl John Krokosinski at karl@customplanfinancial.com.

Elaine Milne at elainemdrt@elainemilne.com.

Jeri Turley at jturley@bcgco.com.

 

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